गौरा ने घोट कर, पीस कर छान कर(Gora Ne Ghot Kar Piskar Chhankar)

गौरा ने घोट कर,

पीस कर छान कर,

शिव को भंगिया पिलाई,

मजा आ गया,

छोड़ कैलाश को,

पहुंचे शमशान में,

गांजे की दम लगायी,

मजा आ गया ॥


जब नशा भांग,

गांजे का चढ़ने लगा,

भोला नचने लगे,

डमरू बजने लगा,

जल चुकी थी चिताएं,

जो शमशान में,

उनकी भस्मी रमाई,

मजा आ गया ॥


बदी फागुन चतुर्दश,

तिथी आई है,

शिव से गौरा मिलन,

की घड़ी आई है,

शिवजी दूल्हा बने,

गौरा दुल्हन बनी,

ऐसी शादी रचाई,

मजा आ गया ॥


भोला धनवान है,

न तो कंगाल है,

शिव महादेव हैं,

शिव महाकाल है,

शिव के चरणों में हम,

आ गये हैं पदम्,

राह मुक्ति की पाई,

मजा आ गया ॥


गौरा ने घोट कर,

पीस कर छान कर,

शिव को भंगिया पिलाई,

मजा आ गया,

छोड़ कैलाश को,

पहुंचे शमशान में,

गांजे की दम लगायी,

मजा आ गया ॥

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दिसंबर में कब है अनंग त्रयोदशी व्रत

प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा को समर्पित एक पवित्र दिन है। इसे हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

मात भवानी अम्बे माँ (Maat Bhawani Ambe Maa)

मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भवर में है आ,

चंद्रदेव को प्रसन्न करने के उपाय

हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। ख़ासकर, पौष मास की अमावस्या को पितरों को प्रसन्न करने और चंद्रदेव की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना गया है। इस दिन भगवान सूर्य, चंद्रदेव और श्रीहरि की विधिवत पूजा के साथ पिंडदान और तर्पण का विधान है।

अंजनीसुत केसरी नंदन ने (Anjani Sut Kesari Nandan Ne)

अंजनीसुत केसरी नंदन ने,
श्री राम के कारज सारे है,

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