हमारे साथ श्री महाकाल, तो किस बात की चिंता (Hamare Sath Shri Mahakal To Kis Baat Ki Chinta)

कर्ता करे ना कर सके,

शिव करे सो होय,

तीन लोक नौ-खंड में,

शिव से बड़ा ना कोय ॥


हमारे साथ श्री महाकाल,

तो किस बात की चिंता,

शरण में रख दिया जब माथ,

तो किस बात की चिंता,

हमारे साथ श्री महांकाल,

तो किस बात की चिंता ॥


लगाई है लगन शिव से,

नहीं फिर जग से मोह माया,

मेरे संग संग में रहती है,

मेरे महाकाल की छाया,

की बनती है वहां हर बात,

तो किस बात की चिंता,

हमारे साथ श्री महांकाल,

तो किस बात की चिंता ॥


मेरे महाकाल के दर पे,

संवर जाती है तकदीरे,

प्रभु का नाम लेते ही,

बदल जाती है तासीरें,

मेरे महाकाल रखते है,

हर एक के काम की चिंता,

हमारे साथ श्री महांकाल,

तो किस बात की चिंता ॥


लगा ले तू लगन शिव से,

के हो जा जग से बेगाना,

मुक्कदर अपना बनवा ले,

बन महाकाल दीवाना,

के हर लेंगे मेरे स्वामी,

तेरे हर काल की चिंता,

हमारे साथ श्री महांकाल,

तो किस बात की चिंता ॥


हमारे साथ श्री महांकाल,

तो किस बात की चिंता,

शरण में रख दिया जब माथ,

तो किस बात की चिंता,

हमारे साथ श्री महांकाल,

तो किस बात की चिंता ॥

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ऐ मालिक तेरे बंदे हम (Aye Malik Tere Bande Hum)

ऐ मालिक तेरे बंदे हम,
ऐसे हो हमारे करम

बस इतनी तमन्ना है, श्याम तुम्हे देखूं (Bas Itni Tamanna Hai Shyam Tumhe Dekhun)

बस इतनी तमन्ना है,
बस इतनी तमन्ना है,

नैनन में श्याम समाए गयो(Nainan Me Shyam Samay Gayo)

नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

राधा रानी की पूजा विधि

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

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