हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो (Hanuman Ji Kabhi Mere Ghar Bhi Padharo)

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो,

बुद्धि विवेक की बारिश करके,

बुद्धि विवेक की बारिश करके,

मेरा भी जीवन तारो,

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों ॥


तुम बलशाली हो ग्रन्थ के ज्ञाता,

तुम बिन कोई भी पार ना पाता,

तेरी महिमा गाके हनुमत,

तेरी महिमा गाके हनुमत,

तर गए लाख हजारो,

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों ॥


सादर सेवा की भाव जगी है,

तेरे दरश की आस लगी है,

हम है तुम्हरे भक्त वो हनुमत,

हम है तुम्हरे भक्त वो हनुमत,

ऐसे ना हमको बिसारो,

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों ॥


भक्त परदेसी के तुम हितकारी,

गावे ‘निरंजन’ महिमा तुम्हारी,

जीवन नैया बिच भंवर में,

जीवन नैया बिच भंवर में,

आके पार उतारो,

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों ॥


हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो,

बुद्धि विवेक की बारिश करके,

बुद्धि विवेक की बारिश करके,

मेरा भी जीवन तारो,

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों ॥

........................................................................................................
मेहंदीपुर सालासर, धाम दोनों अमर: भजन (Mehandipur Salasar Dham Dono Amar)

मेहंदीपुर सालासर,
धाम दोनों अमर,

हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति दो(Hey Ram Bhakt Hanuman Ji Mujhe Aisi Bhakti Do)

हे राम भक्त हनुमान जी,
मुझे ऐसी भक्ति दो,

मुरली बजा के मोहना (Murli Bajake Mohana Kyon Karliya Kinara)

मुरली बजा के मोहना, क्यों कर लिया किनारा।
अपनों से हाय कैसा, व्यवहार है तुम्हारा॥

त्रिपुर भैरवी जयंती कब है ?

हर वर्ष मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को माता त्रिपुर भैरवी के जन्मदिवस को त्रिपुर भैरवी जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है जो शक्ति और पराक्रम की प्रतीक माता त्रिपुर भैरवी की महिमा को दर्शाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने