हनुमान ने कर दिया काम, चुटकी बजाई करके (Hanuman Ne Kar Diya Kaam Chutki Bajay Karke)

सारे हार गए जोर लगाई करके,

हनुमान ने कर दिया काम,

चुटकी बजाई करके ॥


सीता को रावण हर लाया,

चिंतित थे श्री राम,

सात समंदर लांघे कैसे,

कौन करे ये काम,

सिया की सुध ल्याया,

लंका जलाई करके,

हनूमान ने कर दिया काम,

चुटकी बजाई करके ॥


शक्ति बाण लगी लक्ष्मण को,

घबराए श्री राम,

कौन है ऐसा वीर,

बचाए लक्ष्मण जी के प्राण,

बचाया लक्ष्मण को,

संजीवन लाए करके,

हनूमान ने कर दिया काम,

चुटकी बजाई करके ॥


भक्तों का ये संकट काटे,

संकट मोचन नाम,

‘सौरभ मधुकर’ बजरंगी का,

सालासर में धाम,

अपने भक्तो को,

गले से लगाए करके,

हनूमान ने कर दिया काम,

चुटकी बजाई करके ॥


सारे हार गए जोर लगाई करके,

हनुमान ने कर दिया काम,

चुटकी बजाई करके ॥

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सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो(Sar Ko Jhukalo Sherawali Ko Manalo)

सर को झुकालो,
शेरावाली को मानलो,

श्री ललीता माता चालीसा (Shri Lalita Mata Chalisa)

जयति जयति जय ललिते माता! तव गुण महिमा है विख्याता ।
तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी! सुर नर मुनि तेरे पद सेवी।

अथ देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् (Ath Devyaparadha Kshamapana Stotram)

देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम्, माँ दुर्गा का एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसे आदि गुरु शंकराचार्य ने लिखा था। यह उनकी सर्वश्रेष्ठ और कानों को सुख देने वाली स्तुतियों में से एक है।

नंगे नंगे पाँव चल आ गया री(Nange Nange Paon Chal Aagaya Ri)

नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,
इक तेरा पुजारी ॥

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