हे नाथ दया करके, मेरी बिगड़ी बना देना (Hey Nath Daya Karke Meri Bigdi Bana Dena)

हे नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना,

अब तक जो निभाया है,

आगे भी निभा देना,

आगे भी निभा देना,

हें नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना ॥


लाचार हूँ मैं भोले,

इस मन से हारा हूँ,

विश्वास यही है मुझे,

मैं तेरा प्यारा हूँ,

कभी टूटे ना ये रिश्ता,

ये ध्यान सदा रखना,

हें नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना,

मेरी बिगड़ी बना देन ॥


जप तप ना जानू मैं,

ना पूजा पाठ तेरा,

बस तेरी दया पर ही,

चलता है गुजर मेरा,

ये दया प्रभु तेरी,

हरदम रखते रहना,

हें नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना,

मेरी बिगड़ी बना देन ॥


मैं तेरे प्यार की,

छाया में रहूँ हरदम,

कभी आकर घेरे ना,

दुनिया का कोई भी गम,

तेरे नाम की मस्ती का,

बाबा जाम पिला देना,

हें नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना,

मेरी बिगड़ी बना देन ॥


मैं नाथ तुम्हे कहता,

तुम सर्वस्व हो मेरे,

‘सांवर’ बस तेरा है,

गुणगान करे तेरे,

मुझे अंत समय में तू,

तेरी गोद बिठा लेना,

हें नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना,

मेरी बिगड़ी बना देन ॥


हे नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना,

अब तक जो निभाया है,

आगे भी निभा देना,

आगे भी निभा देना,

हें नाथ दया करके,

मेरी बिगड़ी बना देना ॥


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धरती गगन में होती है तेरी जय-जयकार (Dharti Gagan Mein Hoti Hai Teri Jay-Jayakar)

जय जय शेरा वाली मां, जय जय मेहरा वाली मां।
जय जय ज्योता वाली मां, जय जय लाता वाली मां।।

श्री कृष्ण चालीसा

सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण को पूर्णावतार माना गया है। उनका जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।

होरी खेली न जाय (Hori Kheli Na Jaay)

नैनन में पिचकारी दई,
मोय गारी दई,

बिगड़ी मेरी बना जा, ओ शेरोवाली माँ (Bigdi Meri Bana Ja O Sheronwali Maa)

बिगड़ी मेरी बना जा,
ओ शेरोवाली माँ,

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