जबलपुर में काली विराजी है(Jabalpur Mein Kali Viraji Hai)

जबलपुर में काली विराजी है,

तरसे मोरी अंखियां,

दे दर्शन इस लाल को,

जो आऊं तोरि दुअरिया ॥


अरे भगतन खो दर्शन देबे ले लाने,

गढ़ा फाटक में देवी दिखानी है,

जबलपुर में काली विराजी है,

जबलपुर में काली विराजी हैं ॥


अरे रोगी खों काया,

निर्धन खो माया,

देती मात भवानी है,

जबलपुर में काली विराजी हैं ॥


अरे दानव दलन करे,

दुष्टों खों मारे,

ऐसी मां कल्याणी है,

जबलपुर में काली विराजी हैं ॥


अरे तू ही शारदा,

तू ही भवानी,

तू जग की रखवाली है,

जबलपुर में काली विराजी हैं ॥


अरे हाथ जोर सब,

अर्जी लगावें,

द्वारे पे सब नर नारी हैं,

जबलपुर में काली विराजी हैं ॥


अरे भगतन खो दर्शन देबे ले लाने,

गढ़ा फाटक में देवी दिखानी है,

जबलपुर में काली विराजी हैं,

जबलपुर में काली विराजी हैं ॥

........................................................................................................
भोलेनाथ मेरे मरने से पहले, ऐसी चिलम पिला देना (Bholenath Mere Marne Se Pahle Aisi Chilam Pila Dena)

भोलेनाथ मेरे मरने से पहले,
ऐसी चिलम पिला देना,

भोले डमरू वाले तेरा, सच्चा दरबार है (Bhole Damru Wale Tera Saccha Darbar Hai)

भोले डमरू वाले तेरा,
सच्चा दरबार है,

अब दया करो हे भोलेनाथ (Ab Daya Karo He Bholenath)

अब दया करो हे भोलेनाथ,
मस्त रहूं तेरी मस्ती में,

बाबा का दरबार सुहाना लगता है (Baba Ka Darbar Suhana Lagta Hai)

बाबा का दरबार सुहाना लगता है,
भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।