जय बोलो जय बोलो जय हनुमान की (Jai Bolo Jai Bolo Jai Hanuman Ki)

जय बोलो जय बोलो जय हनुमान की,

संकट मोचन करुणा दयानिधान की,

हनुमान की जय विद्यावान की जय,

शक्तिमान की जय हनुमान की जय,

जय बोलों जय बोलों जय हनुमान की ॥


अहिरावण की भुजा उखाड़ी,

सुरसा इनसे हारी हो,

असुरो की वो सेना इनसे,

लड़के नरक सिधारी,

रोती थी जब राम विरह में,

रोती थी जब राम विरह में,

सिता जनक दुलारी,

लंका जा उन्हें धीर बंधाया,

करके कोतुक भारी,

जय बोलों जय बोलों जय हनुमान की,

संकट मोचन करुणा दयानिधान की,

हनुमान की जय विद्यावान की जय,

शक्तिमान की जय हनुमान की जय,

जय बोलों जय बोलों जय हनुमान की ॥


मंगलकारी हनुमान जी,

करते सबका मंगल हो,

पाप का ताप मिटाके पल में,

तन मन करते शीतल,

झूठ कपट का मेल मिटाकर,

झूठ कपट का मेल मिटाकर,

करते आत्मा निर्मल,

रामचन्द्र के भक्त बने ये,

भाये ना इनको छल बल,

जय बोलों जय बोलों जय हनुमान की,

संकट मोचन करुणा दयानिधान की,

हनुमान की जय विद्यावान की जय,

शक्तिमान की जय हनुमान की जय,

जय बोलों जय बोलों जय हनुमान की ॥


जय बोलो जय बोलो जय हनुमान की,

संकट मोचन करुणा दयानिधान की,

हनुमान की जय विद्यावान की जय,

शक्तिमान की जय हनुमान की जय,

जय बोलों जय बोलों जय हनुमान की ॥

........................................................................................................
लिङ्गाष्टकम् (Lingashtakam)

ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥

माँ की लाल रे चुनरिया(Maa Ki Laal Re Chunariya)

माँ की लाल रे चुनरिया,
देखो लहर लहर लहराए,

रक्षाबंधन क्यों मनाते हैं

रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। यह पर्व प्रतिवर्ष सावन माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन बहनें पूजा करके अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सफलता एवं दीर्घायु की कामना करती हैं।

कालाष्टमी पर क्या दान करें?

वैदिक पंचांग के अनुसार, हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष यानी 2024 के नवंबर माह में ये तिथि 22 तारीख को पड़ रही है। इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव की विधिपूर्वक पूजा की जाती है, जो तंत्र-मंत्र साधकों के लिए विशेष महत्व रखती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने