जैसे होली में रंग, रंगो में होली (Jaise Holi Mein Rang Rango Mein Holi)

जैसे होली में रंग,

रंगो में होली

वैसे कान्हा मेरा,

मैं कान्हा की हो ली

रोम रोम मेरा,

कान्हा से भरा

अब कैसे में खेलूँ री,

आँखमिचोली ॥


मैं तो कान्हा से मिलने अकेली चली,

संग संग मेरे,

सारे रंग चले,

ज़रा बचके रहो,

ज़रा हटके चलो,

बड़ी नटखट है,

नव रंगों की टोली ॥


अब तो तन मन पे श्याम रंग चढा,

कंचन के तन रतन जडा,

बनठन के मैं बैठी,

दुल्हन की तरहा,

कान्हा लेके चला,

मेरे प्रेम की डोली ॥


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जय शिवशंकर, जय गंगाधर, करुणाकर करतार हरे,
जय कैलाशी, जय अविनाशी, सुखराशी सुख-सार हरे,

छठ पूजा: मारबो रे सुगवा (Marbo Re Sugwa Dhanukh Se Chhath Puja Song)

ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से,
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रिद्धि सिद्धि का देव(Riddhi Siddhi Ka Dev Nirala)

रिद्धि सिद्धि का देव निराला,
शिव पार्वती का लाला,

शिव में मिलना हैं (Shiv Mein Milna Hai)

शिव में मिलना है ॥

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