शिव में मिलना हैं (Shiv Mein Milna Hai)

शिव में मिलना है ॥


दोहा – कितना रोकूं मन के शोर को,

ये कहा रुकता है,

की शोर से परे,

उस मौन से मिलना है,

मुझे शिव से भी नहीं,

शिव में मिलना हैं ॥


मुझे शिव से नहीं,

शिव में मिलना है,

अपने अहम की,

आहुति दे जलना है,

मुझे शिव से नहीं,

शिव में मिलना हैं ॥


क्यों मुझे किसी और के,

कष्टों का कारण बनना है,

चाँद जो शीश सुशोभित,

उस चाँद सा शीतल बनना है,

उस चाँद सा शीतल बनना है,

मुझे शिव से नहीं,

शिव में मिलना हैं ॥


जितना मैं भटका,

उतना मैला हो आया हूँ,

कुछ ने है छला मोहे,

कुछ को मैं छल आया हूँ,

कुछ को मैं छल आया हूँ,

मुझे शिव से नहीं,

शिव में मिलना हैं ॥


मुझे शिव से नहीं,

शिव में मिलना हैं,

अपने अहम की,

आहुति दे जलना है,

मुझे शिव से नहीं,

शिव में मिलना हैं ॥

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जन्मे है राम रघुरैया, अवधपुर में (Janme Hai Ram Raghuraiya Awadhpur Mein )

जन्मे है राम रघुरैया,
अवधपुर में बाजे बधैया,

ये चमक ये दमक (Ye Chamak Ye Damak)

ये चमक ये दमक,
फूलवन मा महक,

अयोध्यावासी राम (Ayodhya Wasi Ram)

अयोध्यावासी राम
दशरथ नंदन राम

मासिक शिवरात्रि में ऐसे करें भोलेनाथ की पूजा

हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

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