जय माता दी गाये जा, मैया को मनाये जा (Jai Mata Di Gaye Ja Maiya Ko Manaye Ja)

जय माता दी गाये जा,

मैया को मनाये जा,

माता से कर अरदास तू,

मैया पे रख विश्वास तू,

जय माता दी गायें जा,

मैया को मनाये जा ॥


जिसने माता का है नाम लिया,

पल में माँ ने उसका काम किया,

कभी भी उसकी नैया ना डूबी,

जिसको मेरी माँ ने थाम लिया,

माँ साथ है, तो क्या बात है,

मैया का बन जा दास तू,

मैया पे रख विश्वास तू,

जय माता दी गायें जा,

मैया को मनाये जा ॥


जब भी कोई संकट आ जाए,

जब भी तेरा मन ये घबराए,

रखना भरोसा माता रानी पर,

बाल ना बांका तेरा हो पाए,

माँ साथ है, तो क्या बात है,

ना होना कभी निराश तू,

मैया पे रख विश्वास तू,

जय माता दी गायें जा,

मैया को मनाये जा ॥


बड़ी ही ममतामई मेरी मैया,

रखती भक्तों पर अपनी छैया,

‘सौरभ मधुकर’ चरण पकड़ ले तू,

ये छोड़ेगी ना तेरी बैया,

माँ साथ है, तो क्या बात है,

मैया से कह दे आज तू,

मैया पे रख विश्वास तू,

जय माता दी गायें जा,

मैया को मनाये जा ॥


जय माता दी गाये जा,

मैया को मनाये जा,

माता से कर अरदास तू,

मैया पे रख विश्वास तू,

जय माता दी गायें जा,

मैया को मनाये जा ॥

........................................................................................................
महाकाल नाम जपिये, झूठा झमेला (Mahakal Naam Japiye Jutha Jhamela)

महाकाल नाम जपिये,
झूठा झमेला झूठा झमेला,

अथ कीलकम् (Ath Keelakam)

कीलकम् का पाठ देवी कवचम् और अर्गला स्तोत्रम् के बाद किया जाता है और इसके बाद वेदोक्तम रात्रि सूक्तम् का पाठ किया जाता है। कीलकम् एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है जो चण्डी पाठ से पहले सुनाया जाता है।

कहियो दर्शन दीन्हे हो, भीलनियों के राम (Kahiyo Darshan Dinhe Ho Bhilaniyo Ke Ram)

पंथ निहारत, डगर बहारथ,
होता सुबह से शाम,

है सुखी मेरा परिवार, माँ तेरे कारण (Hai Sukhi Mera Parivaar Maa Tere Karan)

है सुखी मेरा परिवार,
माँ तेरे कारण,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।