जन्मे अवध रघुरइया हो (Janme Awadh Raghuraiya Ho)

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन।


जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो

रूप मे अनूप चारो भइया हो,

सब मंगल मनावो,

एक श्याम जो नील कमल हो

या जमुना का निर्मल जल हो

दूजे की है चांद सी गोरइया हो

सब मंगल मनावो,

बरसन सुमन देवगण आये

दरसन का सब लाभ उठाये

तीनो लोक राजा को बधइया हो

सब मंगल मनावो,

जल गये दीपक मनी दिवाली

मंत्री करे खजाना खाली

राही बांटे कामधेनु गइयाँ हो

सब मंगल मनावो,

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रंग पंचमी पर देवताओं को कौन सा रंग चढ़ाएं

रंग पंचमी 2025 इस वर्ष 21 मार्च को मनाई जाएगी। यह पर्व होली के पांचवें दिन फाल्गुन मास की शुक्ल पंचमी तिथि को आता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रंग पंचमी का दिन देवी-देवताओं को समर्पित होता है और इस दिन वे भी गीले रंगों से होली खेलते हैं।

Mere Bhole Baba Ko Anadi Mat Samjho Lyrics (मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो)

मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,

मोक्षदा एकादशी पर विष्णु जी का पूजन

प्रत्येक एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। इसी प्रकार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोक्षदा एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाली तिथि माना जाता है।

हमारे बालाजी महाराज, सभी के कष्ट मिटाते है (Hamare Balaji Maharaj Sabhi Ke Kast Mitate Hain)

हमारे बालाजी महाराज,
सभी के कष्ट मिटाते है,

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