कैंलाश शिखर से उतर कर (Kailash Shikhar Se Utar Kar)

कैलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर ॥


आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,

आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,

मनभावन रूप ये धर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर ॥


पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,

पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,

रिद्धि सिद्धि को साथ में ले कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर ॥


थाल तुम आरती का सजाओ सखी,

थाल तुम आरती का सजाओ सखी,

सभी मंगल गाओ मिल कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर ॥


आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,

आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,

पाएंगे दर्शन जी भर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर ॥


कैलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

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राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली(Ram Nam Ke Heere Moti Main Bikhraun Gali Gali)

राम नाम के हीरे मोती,
मैं बिखराऊँ गली गली ।

चल चला चल ओ भगता (Chal Chala Chal O Bhagta)

चल चला चल ओ भगता,
चल चला चल ॥

दिखाऊं कोनी लाड़लो, नजर लग जाए(Dikhao Koni Ladlo Najar Lag Jaaye)

दिखाऊं कोनी लाड़लो,
नजर लग जाए,

मौनी अमावस्या पर सपने में पितरों को देखना शुभ या अशुभ?

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है जो पितरों के मोक्ष के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके दान करने का महत्व है जिससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके कष्टों को दूर किया जा सकता है।

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