कैसी लीला रचाई जी हनुमत बालाजी: भजन (Kaisi Leela Rachai Ji Hanumat Balaji)

कैसी लीला रचाई जी,

के हनुमत बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥


खेल करत अंबर में निकल गए,

समझ के फल तुम सूरज निगल गये,

करी देवो ने विनती जी,

के बजरंग बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥


दसकंधर किया हरण सिया का,

लंका में जा पता किया था,

तुमने लंका जलाई जी,

के बजरंग बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥


लंका जला शांत की ज्वाला,

मछली पेट गर्भ तुम डाला,

की सूत से लड़ाई जी,

के बजरंग बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥


शक्तिबाण लग्यो लक्ष्मण के,

संकट मे थे प्राण लखन के,

करी तुरत सहाई जी,

के बजरंग बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥


अहिरावण ने की चतुराई,

राम लखन दोउ लिए चुराई,

ली बंद छुड़ाई जी,

के बजरंग बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥


‘गीता’ भी है तेरी सेवक,

मेरी नैया के तुम केवट,

दो पार लगाई जी,

के बजरंग बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥


कैसी लीला रचाई जी,

के हनुमत बालाजी,

कैसी लीला रचायी जी,

के बजरंग बालाजी ॥

........................................................................................................
दीपावली पूजन के लिए संकल्प मंत्रः (Dipawali Pujan ke liye Sankalp Mantra)

ऊं विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:, ऊं तत्सदद्य श्री पुराणपुरुषोत्तमस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय पराद्र्धे श्री श्वेतवाराहकल्पे सप्तमे वैवस्वतमन्वन्तरे, अष्टाविंशतितमे कलियुगे, कलिप्रथम चरणे जम्बुद्वीपे भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर्गत ब्रह्मवर्तैकदेशे पुण्य

कभी राम बनके, कभी श्याम बनके (Kabhi Ram Banake Kabhi Shyam Banake)

कभी राम बनके कभी श्याम बनके,
चले आना प्रभुजी चले आना ॥

शाबर मंत्र क्यों पढ़ने चाहिए?

शाबर मंत्र भगवान शिव की विशेष कृपा का प्रतीक हैं, जो मनुष्य की समस्याओं को सहजता से हल करने के लिए बनाए गए। ये मंत्र संस्कृत के कठिन श्लोकों के विपरीत, क्षेत्रीय भाषाओं और बोली में रचे गए हैं, जिससे हर कोई इन्हें आसानी से पढ़ और उपयोग कर सकता है।

शिव उठत, शिव चलत, शिव शाम-भोर है। (Shiv Uthat Shiv Chalat Shiv Sham Bhor Hai)

शिव उठत, शिव चलत, शिव शाम-भोर है।
शिव बुद्धि, शिव चित्त, शिव मन विभोर है॥ ॐ ॐ ॐ...

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने