करते सब पर दया की नज़र, शिव भोले शंकर: भजन (Karte Sab Pe Daya Ki Najar Shiv Bhole Shankar)

करते सब पर दया की नज़र,
शिव भोले शंकर,
बाबा भोले बाबा बाबा भोले बाबा,
बाबा भोले बाबा बाबा भोले बाबा ॥

माथे पे चंदा जटाओं में गंगा,
कर में त्रिशूल में सोहे गले में भुजंगा,
घूमते नंदी पे बैठकर,
शिव भोले शंकर,
करते सब पर दया की नजर,
शिव भोले शंकर ॥

देव असुर मानव जपे इनकी माला,
त्रिलोक में शिव का है बोलबाला,
बांटते सबको मनचाहा वर,
शिव भोले शंकर,
करते सब पर दया की नजर,
शिव भोले शंकर ॥

सच्ची लगन जो भी शिव से लगाए,
बेलपत्र गंगाजल शिव पर चढ़ाए,
रहे जीवन में ना कुछ कसर,
शिव भोले शंकर,
करते सब पर दया की नजर,
शिव भोले शंकर ॥

आए है हम भी शरण में तुम्हारी,
हम पर भी किरपा करो त्रिपुरारी,
मांगे दर्शन तुम्हारा अमर,
शिव भोले शंकर,
करते सब पर दया की नजर,
शिव भोले शंकर ॥

करते सब पर दया की नज़र,
शिव भोले शंकर,
बाबा भोले बाबा बाबा भोले बाबा,
बाबा भोले बाबा बाबा भोले बाबा ॥

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भीष्म अष्टमी पर करें गंगा स्नान

भीष्म अष्टमी सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन विशेष रूप से पितरों को समर्पित होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके वंश में संतान नहीं होती। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम (Hai Nam Re Sabse Bada Tera Nam)

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डमरू बजाए अंग भस्मी रमाए,
और ध्यान लगाए किसका,

सुनो भवानी अरज हमारी, दया करो माँ कृपा करो माँ (Suno Bhawani Araj Hamari Daya Karo Maa Kripa Karo Maa)

सुनो भवानी अरज हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ,

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