कुलदेवी की पूजा, जो करता है दिन रात (Kuldevi Ki Puja Jo Karta Hai Din Raat)

कुलदेवी की पूजा,

जो करता है दिन रात,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


हर एक भगत की,

कुलदेवी होती है,

जिसके ही नाम से जलती,

घर में ये ज्योति है,

दुनिया पीछे चलती,

जब कुलदेवी हो साथ,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


मैया कृपालु है ये,

बड़ी भोली भाली,

यही तो है माँ गौरा,

यही है माँ काली,

रूप अनेको पूजो,

पर कुलदेवी के साथ,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


मेरी गढ़ी महासर मैया,

साथ मेरे चलती,

भूल जाए उनको गर हम,

ये हमारी गलती,

‘मित्तल’ हरदम तो,

मैया ही रहती साथ,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


कुलदेवी की पूजा,

जो करता है दिन रात,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥

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होरी खेली न जाय (Hori Kheli Na Jaay)

नैनन में पिचकारी दई,
मोय गारी दई,

भजन करो मित्र मिला आश्रम नरतन का (Bhajan Karo Mitra Mila Ashram Nartan Ka)

बैठ के तु पिंजरे में,
पंछी काहे को मुसकाय,

किया तप इस कदर हुआ शिव पे असर (Kiya Tap Is kadar Hua Shiv Pe Asar)

किया तप इस कदर हुआ शिव पे असर,
तेरा भोले से गोरा विवाह हो गया,

प्रदोष व्रत के फायदे

प्रदोष व्रत त्रयोदशी के दिन रखा जाता है। इसलिए, इसे त्रयोदशी के नाम से भी जानते हैं। प्रत्येक महीने में दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है।

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