कुलदेवी की पूजा, जो करता है दिन रात (Kuldevi Ki Puja Jo Karta Hai Din Raat)

कुलदेवी की पूजा,

जो करता है दिन रात,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


हर एक भगत की,

कुलदेवी होती है,

जिसके ही नाम से जलती,

घर में ये ज्योति है,

दुनिया पीछे चलती,

जब कुलदेवी हो साथ,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


मैया कृपालु है ये,

बड़ी भोली भाली,

यही तो है माँ गौरा,

यही है माँ काली,

रूप अनेको पूजो,

पर कुलदेवी के साथ,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


मेरी गढ़ी महासर मैया,

साथ मेरे चलती,

भूल जाए उनको गर हम,

ये हमारी गलती,

‘मित्तल’ हरदम तो,

मैया ही रहती साथ,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥


कुलदेवी की पूजा,

जो करता है दिन रात,

उसके जीवन में होती है,

खुशियों की बरसात ॥

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जिसकी लागी रे लगन भगवान में (Jiski Lagi Re Lagan Bhagwan Mein)

जिसकी लागी रे लगन भगवान में,
उसका दिया रे जलेगा तूफान में।

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प्रत्येक महीने दो पक्ष होते हैं शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है, जबकि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है। मार्गशीर्ष महीने में मनाई जाने वाली विनायक चतुर्थी भगवान गणेश की कृपा पाने का उत्तम समय है।

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