मेरे सोये भाग जगा भी दो(Mere Soye Bhag Jga Bhi Do Shiv Damaru Wale)

मेरे सोये भाग जगा भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।

मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।


तुमहे ने कैलाश पति,

लाखो को तारा ।

फिर क्यों न आया,

तुम को ध्यान तुम्हारा ।

खुशियों के फूल तुमने,

दुनिया को बांटे ।

झोली में हमारे क्या,

ये भर दिए कांटे ।

अब तो अपने दिन पलटा दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।


मेरे सोये भाग जगा भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।

मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।


तेरी तो जटाओ में है,

गंगा का पानी ।

पर न हमारी तुमने,

प्यास बुजाई ।

रावन को लंका देदी,

हे महादानी ।

अपने नसीबो में ये,

दुनिया पुरानी ।

कभी इस का भी चमका दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।


मेरे सोये भाग जगा भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।

मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।


मेहर का खजाना तेरे,

पास है विध्याता ।

उस में से थोडा बहुत,

मुझको भी दो दाता ।

कब से रोते है हँसा दो,

ओ शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।


मेरे सोये भाग जगा भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।

मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,

शिव डमरू वाले,

शंकर भोले भाले ।

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कालाष्टमी कब मनाई जाएगी

सनातन धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व है। इसे भगवान काल भैरव की उपासना का दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और विशेष पूजा करने से साधकों को शक्ति, सुरक्षा और समृद्धि प्राप्त होती है।

मौनी अमावस्या पर पितरों का आशीर्वाद

मौनी अमावस्या पर लोग अपने पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या का पर्व 29 जनवरी को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों से छुटकारा मिलता है।

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली (Odh Chunariya Maiya Lal Chali)

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली,
सिंघ सवारी पे है लगती भली ॥

डोमिन बेटी सुप नेने ठाढ़ छै (Domin Beti Soop Nene Thadh Chhe)

डोमिन बेटी सुप नेने ठाढ़ छै
उगऽ हो सुरुज देव,

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