म्हाने शेरोवाली मैया, राज रानी लागे(Mhane Sherawali Maiya Rajrani Laage)

म्हाने प्राणा सु भी प्यारी,

माता रानी लागे,

माता रानी लागे,

म्हाने शेरोवाली मैया,

राज रानी लागे ॥


हाथां ले त्रिशूल भवानी,

सिंह पे चढ़ के आई,

घर में म्हारे आकर मैया,

म्हारो मान बढाई,

म्हापे हुकुम चलावे,

माँ धिरानी लागे,

म्हाने शेरावाली मैया,

राज रानी लागे ॥


थारा चरण पड्या तो मैया,

खुल गई क़िस्मत म्हारी,

‘हर्ष’ कवे माँ टाबरिया पे,

हो गई किरपा भारी,

थारी म्हारी मैया प्रीत,

पुराणी लागे पुराणी लागे,

म्हाने शेरावाली मैया,

राज रानी लागे ॥


म्हाने प्राणा सु भी प्यारी,

माता रानी लागे,

माता रानी लागे,

म्हाने शेरोवाली मैया,

राज रानी लागे ॥

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आये नवरात्रे मैया, उपकार कीजिय (Aaye Navratre Maiya, Upkar Kijiye)

अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये,

कार्तिगाई पर जलाएं पांच दीपक

मासिक कार्तिगाई एक विशेष हिंदू त्योहार है। यह मुख्य रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है। इस दिन दीप जलाने की परंपरा है। इस दिन खासकर घरों और मंदिरों में दीपक जलाया जाता है।

नमो नमो शंकरा(Namo Namo Shankara)

जय हो, जय हो शंकरा
भोलेनाथ, शंकरा

भगवा रंग चढ़ने लगा है(Bhagwa Rang Chadne Laga Hai)

मंदिर अब बनने लगा है,
भगवा रंग चढ़ने लगा है,

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