मोहे लागी लगन गुरु चरणन की(Mohe Lagi Lagan Guru Charanan Ki)

श्लोक:

अखंड-मंडलाकारं

व्याप्तम येन चराचरम

तत्पदं दर्शितं येन

तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु,

गुरुर देवो महेश्वरः,

गुरुः साक्षात्परब्रह्मा,

तस्मै श्री गुरुवे नमः ॥


मोहे लागी लगन गुरु चरणन की,

गुरु चरणन की, गुरु चरणन की,

मोहे लागी लगन गुरु चरणन की ॥


चरण बिना मुझे कुछ नहीं भाये,

जग माया सब स्वपनन की,

मोहें लागी लगन गुरु चरणन की ॥


भव सागर सब सूख गए है,

फिकर नाही मोहे तरनन की,

मोहें लागी लगन गुरु चरणन की ॥


आत्म ज्ञान दियो मेरे सतगुरु,

पीड़ा मिटी भव मरनन की,

मोहें लागी लगन गुरु चरणन की ॥


मीरा के प्रभु गिरिधर नागर,

आस बंधी गुरु चरणन की,

मोहें लागी लगन गुरु चरणन की ॥


मोहें लागी लगन गुरु चरणन की,

गुरु चरणन की, गुरु चरणन की,

मोहे लागी लगन गुरु चरणन की ॥

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तेरे स्वागत में मैया जी, मैंने पलके बिछाई है (Tere Swagat Mein Maiya Ji Maine Palke Bichayi Hai)

तेरे स्वागत में मैया जी,
मैंने पलके बिछाई है,

मेरा भोला हे भंडारी, जटाधारी अमली (Mera Bhola Hai Bhandari Jatadhari Amali)

मेरा शिव भोला भंडारी,
जटाधारी अमली,

काले काले बदरा, घिर घिर आ रहे है (Kaale Kaale Badra Ghir Ghir Aa Rahe Hai)

काले काले बदरा,
घिर घिर आ रहे है,

जया एकादशी की कथा

सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। माघ मास की जया एकादशी जल्द ही आने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को विष्णु जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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