नफरत की दुनिया में, हो गया जीना अब दुश्वार(Nafrat Ki Duniya Mein Ho Gaya Jeena Ab Dushwar)

नफरत की दुनिया में,

हो गया जीना अब दुश्वार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

हे अंजनी माँ के लाल आइये,

करने को उद्धार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥


हनुमान जी सुनिए,

भक्तो की ये विनती,

दुःख दर्द से हमको,

दिलवाइये मुक्ति,

हम दुखियारों पे केसरी नंदन,

कर दीजे उपकार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥


ये दौर है कैसा,

हनुमान जी आया,

चारों तरफ अंधकार,

धरती पे है छाया,

अब बढ़ने लगा है धरती पर,

बेहद ही अत्याचार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥


हे केसरी नंदन,

कर दे कृपा हम पर,

आए है चौखट पर,

अरदास ये लेकर,

भक्तो की ये अरदास मारुती,

कर लीजे स्वीकार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥


श्री राम के सेवक,

रघुवीर के प्यारे,

यदि आप चाहें तो,

छट जाए अंधियारे,

दिखलाइये बजरंगी,

कोई ऐसा तो चमत्कार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥


श्री राम सीता की,

है आपको सौगंध,

कर दीजिये पृथ्वी से,

अब ख़त्म ये आतंक,

हम महाबली हनुमान करेंगे,

आपकी जय जयकार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥


ईच्छा है बजरंगी,

हो विश्व में शांति,

सुख से रहे जीवन,

कष्टों से हो मुक्ति,

ये आप ही कर सकते हो,

आप की शक्ति अपार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥


नफरत की दुनिया में,

हो गया जीना अब दुश्वार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

हे अंजनी माँ के लाल आइये,

करने को उद्धार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार ॥

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चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो (Chalo Shiv Shankar Ke Mandir Me Bhakto)

लिया नाम जिसने भी शिवजी का मन से,
उसे भोले शंकर ने अपना बनाया ।

बरसाने की लट्ठमार होली

बरसाने में हर साल लट्ठमार होली फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाती है। इस साल 2025 में यह त्योहार 8 मार्च को मनाया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण अपने मित्रों के साथ राधारानी से भेंट करने के लिए बरसाना गए, और वहां जाकर राधारानी और उनकी सखियों को छेड़ने लगे।

मंत्र जाप के नियम

हिंदू धर्म में मंत्र जाप को आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धता का माध्यम माना जाता है। मंत्र जाप ना सिर्फ मानसिक शांति प्रदान करता है।

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा का विधान है। इसी लिए विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता गणेश जी को समर्पित गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि का बनी रहती है।

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