राधे ब्रज जन मन सुखकारी(Radhe Braj Jan Man Sukhakari)

राधे ब्रज जन मन सुखकारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम

मोर मुकुट मकराकृत कुण्डल,

गल वैजयंती माला,

चरणन नुपर रसाल,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


सुन्दर वदन कमल-दल लोचन,

बांकी चितवन हारी,

मोहन वंशी विहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


वृन्दावन में धेनु चरावे,

गोपीजन मन हारी,

श्री गोवेर्धन धारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


राधा कृष्ण मिली अब दोऊ,

गौर रूप अवतारी,

कीर्तन धर्म प्रचारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


तुम बिन मेरा और ना कोई,

नाम रूप अवतारी,

चरणन में बलिहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम,

नारायण बलिहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥

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धनु संक्रांति के दिन के विशेष उपाय

हिंदू धर्म में संक्रांति तिथि का काफी महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने सूर्य की राशि परिवर्तन पर संक्रांति मनाई जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह में 15 दिसंबर को धनु संक्रांति पड़ रही है।

राम नाम के साबुन से जो(Ram Naam Ke Sabun Se Jo)

राम नाम के साबुन से जो,
मन का मेल भगाएगा,

मैया जी घर आए (Maiya Ji Ghar Aaye)

मैया जी घर आए,
गौरी माँ, माँ शारदा,

शबरी जयंती पर इन चीजों का लगाएं भोग

सनातन धर्म में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर शबरी जयंती मनाई जाती है। इस दिन व्रत और पूजन का विधान है। इस दिन भगवान राम के साथ माता शबरी का पूजन किया जाता है।

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