राजा राम आइये, प्रभु राम आइये, मेरे भोजन का, भोग लगाइये( Raja Ram Aaiye Mere Bhojan Ka Bhog Lagaiye)

राजा राम आइये,

प्रभु राम आइये,

मेरे भोजन का,

भोग लगाइये ॥


आचमनी अर्घा आरती,

यही यहाँ मेहमानी,

रुखी रोटी पाओ प्रेम से,

पियो नदी का पानी,

राजा राम आइयें,

प्रभु राम आइये,

मेरे भोजन का,

भोग लगाइये ॥


भूल करोगे यदि तज दोगे,

भोजन रुखे सुखे,

एकादशी आज मन्दिर में,

बैठे रहोगे भूखे,

राजा राम आइयें,

प्रभु राम आइये,

मेरे भोजन का,

भोग लगाइये ॥


राजा राम आइये,

प्रभु राम आइये,

मेरे भोजन का,

भोग लगाइये ॥

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माघ कृष्ण की षट्तिला एकादशी (Magh Krishna ki Shattila Ekaadashee)

एक समय दालभ्यजी ने प्रजापति ब्रह्माजी के पुत्र पुलस्त्य जी से प्रश्न किया कि प्रभो! क्या कोई ऐसी भी शक्ति या उपाय है कि जिसके करने से ब्रह्महत्या करने इत्यादि के कुटिल कर्मों के पापों से मनुष्य सरलता पूर्वक छूट जाय भगवन् !

Chhath Puja 2025 (छठ पूजा 2025 कब है?)

भारत देश त्योहारों का देश है और यहां हर त्यौहार का अपना महत्व और पूजा विधि है। इन्हीं त्यौहारों में से एक है छठ पूजा है, जो भगवान सूर्य को समर्पित है।

हम को मन की शक्ति देना (Hum Ko Mann Ki Shakti Dena)

हम को मन की शक्ति देना,
मन विजय करें ।

चैत्र माह की पौराणिक कथा

नवरात्रि का अर्थ नौ रातें होता है, जो हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार साल में दो बार मनाया जाता है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा आराधना की जाती है। उनके नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्र का खास महत्व है।

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