सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे (Sabker Sudhi Aahan Lai Chhi He Ambe)

सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे

हमरा किए बिसरै छी हे


थिकहुँ पुत्र अहींकेर जननी

से तऽ अहाँ जनै छी हे


एहन निष्ठुर किए अहाँ भेलहुँ

कनिको दृष्टि नहि दै छी हे


क्षण-क्षण पल-पल ध्यान करै छी

नाम अहींकेर जपै छी हे


रैनि-दिवस हम ठाढ़ रहै छी

दर्शन बिनु तरसै छी हे


छी जगदम्बा, जग अवलम्बा

तारिणि तरणि बनै छी हे


हमरा बेरि किए ने तकै छी

पापी जानि ठेलै छी हे


सभ के सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे

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मेरी आखिओं के सामने ही रहना(Meri Akhion Ke Samne Hi Rehina Oh Shero Wali Jagdambe)

मेरी आखिओं के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे ।

बालाजी के भक्तों सुनलो, बाबा का गुण गाया करो (Balaji Ke Bhakto Sun Lo Baba Ka Gun Gaya Karo)

बालाजी के भक्तों सुनलो,
बाबा का गुण गाया करो,

मासिक शिवरात्रि के दिन इस विधि से करें जलाभिषेक

हिंदू धर्म में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित किया गया है। इस दिन को हर महीने मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। भक्तगण इस दिन व्रत रखते हैं और भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं।

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