सबसे ऊंची प्रेम सगाई (Sabse Unchi Prem Sagai)

सबसे ऊंची प्रेम सगाई,

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।


दुर्योधन के मेवा त्याग्यो,

साग विदुर घर खाई ।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।


जूठे फल शबरी के खाये,

बहु विधि स्वाद बताई ।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।


राजसूय यज्ञ युधिष्ठिर कीन्हा,

तामे जूठ उठाई ।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।


प्रेम के बस पारथ रथ हांक्यो,

भूल गये ठकुराई ।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।


ऐसी प्रीत बढ़ी वृन्दावन,

गोपियन नाच नचाई ।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।


प्रेम के बस नृप सेवा कीन्हीं,

आप बने हरि नाई ।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।


सूर क्रूर एहि लायक नाहीं,

केहि लगो करहुं बड़ाई ।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।

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राम जन्मभूमि पर जाकर, जीत के दीप जलाएंगे (Ram Janmabhoomi Par Jakar Jeet Ke Deep Jalayenge)

राम जन्मभूमि पर जाकर,
जीत के दीप जलाएंगे,

लगी रे मेरी मैया जी से प्रीत (Lagi Re Meri Maiya Ji Se Preet)

हार की कोई चिंता नहीं,
पग पग होगी जीत,

अथार्गलास्तोत्रम् (Athargala Stotram)

पवित्र ग्रंथ दुर्गा सप्तशती में देवी अर्गला का पाठ देवी कवचम् के बाद और कीलकम् से पहले किया जाता है। अर्गला को शक्ति के रूप में व्यक्त किया जाता है और यह चण्डी पाठ का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

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