शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी(Shabari Sanware Rastha Aayenge Ram Ji)

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी

आँखों से रोज अपनि राहे बुहारती,

कांटे लगे ना कोई कोमल है राम जी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....


डलियाँ में बेर बागो से चुन चुन के ला रही,

कलियाँ में बेर बागो से चुन चुन के ला रही,

खट्टे हो चाहे मीठे हो खाएँगे राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....


आये जब श्री राम जी चरणों में गिर पड़ी,

अंसुअन से धो रही है चरणों को राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....


सुन्दर बिछा के आसन बैठाया राम को,

दिया कंद मूल लाकर खाए है राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....

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विष्णु चालीसा पाठ

शास्त्रों के अनुसार, पापमोचनी एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन व्रत करने और भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करने से भक्त के सभी पाप समाप्त होते हैं।

बालाजी की दुनिया दीवानी (Balaji Ki Duniya Diwani)

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मेरे उज्जैन के महाकाल(Mere Ujjain Ke Mahakal )

तेरी होवे जय जयकार,
मेरे उज्जैन के महाकाल,

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