शमसानो के वासी हो, भूतों का है साथ(Shamshano Ke Vasi Ho Bhuto Ka Hai Sath)

शमसानो के वासी हो,

भूतों का है साथ,

तेरा गंगा किनारे डेरा,

तेरा गंगा किनारे डेरा,

ओ बाबा भूतनाथ,

शमसानों के वासी हो,

भूतों का है साथ ॥


देवों में महादेव हो बाबा,

सारी दुनिया ध्याति है,

श्रद्धा से चरणों में तेरे,

आकर शीश झुकाती है,

जो पाँव पकड़ ले तेरे,

जो पाँव पकड़ ले तेरे,

तू पकडे उनके हाथ,

शमसानों के वासी हो,

भूतों का है साथ ॥


श्रष्टि के ओ सिरजनहारे,

तेरे ढंग निराले है,

देवों की रक्षा के खातिर,

पीता विष के प्याले है,

हम भोले भक्तों का तू,

हम भोले भक्तों का तू,

रक्षक है भोलेनाथ,

शमसानों के वासी हो,

भूतों का है साथ ॥


सोमवार को तेरा दर्शन,

बहुत बड़ा शुभकारी है,

तेरी दया से हम भक्तो की,

कटती विपदा सारी है,

इस ‘हर्ष’ का भोले बाबा,

इस ‘हर्ष’ का भोले बाबा,

तू देना हरदम साथ,

शमसानों के वासी हो,

भूतों का है साथ ॥


शमसानो के वासी हो,

भूतों का है साथ,

तेरा गंगा किनारे डेरा,

तेरा गंगा किनारे डेरा,

ओ बाबा भूतनाथ,

शमसानों के वासी हो,

भूतों का है साथ ॥

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आ दरश दिखा दे मेरी माँ (Aa Darsh Dikha De Meri Maa)

आ दरश दिखा दे मेरी माँ,
तुझे तेरे लाल बुलाते है,

नरसिंह द्वादशी व्रत विधि

नरसिंह द्वादशी सनातनियों का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपने प्रिय भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने रौद्र रूप में अवतार लिया था, जिन्हें लोग आज नरसिंह भगवान के रूप में पूजते हैं।

मैं तो तेरी हो गई श्याम: भजन (Me Too Teri Hogai Shayam, Dunyan Kya Jane)

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अनंग त्रयोदशी जोड़ों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

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