सुनले ओ मेरी मैया, मुझे तेरा ही सहारा (Sunle O Meri Maiya Mujhe Tera Hi Sahara)

सुनले ओ मेरी मैया,

मुझे तेरा ही सहारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


दूर दूर तक ओ मेरी मैया,

सूझे नहीं किनारा,

एक बार आ जाओ मैया,

मैंने तुम्हे पुकारा,

तुम बिन कौन हमारा,

माँ तुम बिन कौन हमारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


नैया हमारी ओ मेरी मैया,

अब है तेरे भरोसे,

खेते खेते हार गया हूँ,

डरता हूँ लहरों से,

घिर गए काले बादल,

और छाया है अँधियारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


अंधियारी रातों में मैया,

बिजली कढ़ कढ़ कढ़के,

डूब ना जाए नैया मेरी,

दिल मेरा ये धडके,

‘श्याम’ को भी तारो,

लाखों को तुमने तारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


सुनले ओ मेरी मैया,

मुझे तेरा ही सहारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


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उठ जाग मुसाफिर भोर भई (Bhajan: Uth Jag Musafir Bhor Bhai)

उठ जाग मुसाफिर भोर भई,
अब रैन कहाँ जो सोवत है ।

यशोमती नन्दन बृजबर नागर (Yashomati Nandan Brijwar Nagar)

यशोमती नन्दन बृजबर नागर,
गोकुल रंजन कान्हा,

सोना-चांदी की पूजा विधि

हिंदू धर्म में सोने और चांदी की धातुओं का विशेष महत्व है। सदियों से ये भारतीय घरों का अभिन्न हिस्सा रही हैं। भारतीय संस्कृति में सोना-चांदी को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

नौ नौ रूप मैया के तो, बड़े प्यारे लागे (Nau Nau Roop Maiya Ke To Bade Pyare Lage)

नौ नौ रूप मैया के तो,
बड़े प्यारे लागे,

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