सुनले ओ मेरी मैया, मुझे तेरा ही सहारा (Sunle O Meri Maiya Mujhe Tera Hi Sahara)

सुनले ओ मेरी मैया,

मुझे तेरा ही सहारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


दूर दूर तक ओ मेरी मैया,

सूझे नहीं किनारा,

एक बार आ जाओ मैया,

मैंने तुम्हे पुकारा,

तुम बिन कौन हमारा,

माँ तुम बिन कौन हमारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


नैया हमारी ओ मेरी मैया,

अब है तेरे भरोसे,

खेते खेते हार गया हूँ,

डरता हूँ लहरों से,

घिर गए काले बादल,

और छाया है अँधियारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


अंधियारी रातों में मैया,

बिजली कढ़ कढ़ कढ़के,

डूब ना जाए नैया मेरी,

दिल मेरा ये धडके,

‘श्याम’ को भी तारो,

लाखों को तुमने तारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


सुनले ओ मेरी मैया,

मुझे तेरा ही सहारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


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उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया (Ujjaini Me Baba Ne Esa Damru Bajaya)

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा,
डमरू बजाया,

गुड़ी पड़वा क्यों मनाया जाता है

गुड़ी पड़वा मुख्य रूप से चैत्र माह में नवरात्रि की प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इसी दिन से नववर्ष की शुरुआत भी होती है। इस साल गुड़ी पड़वा 30 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी और इसी दिन चैत्र नवरात्रि भी शुरू होगी।

दादी झुंझुनू बुलाए, मेरा मन हर्षाये (Dadi Jhunjhunu Bulaye Mera Man Harshaye)

दादी झुंझुनू बुलाए,
मेरा मन हर्षाये,

माई सबके बाल गोपाल, सदा खुशहाल रहे (Mai Sabke Bal Gopal Sada Khushal Rahe)

माई सबके बाल गोपाल,
सदा खुशहाल रहे,

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