तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ(Tera Darbar Humne Sajaya Hai Maa)

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ,

तुमको बुलाया है माँ,

ये बता दो बता दो,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


भूल हो कोई उसको भुला दीजिये,

अपने चरणों में मुझको जगह दीजिये,

तेरी ज्योति को हमने जलाया है माँ,

सर को झुकाया है माँ,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


तुमने लाखो की बिगड़ी बनाई है माँ,

मेरी बारी क्यों देर लगाई है माँ,

मन के मंदिर में तुमको बिठाया है माँ,

सर को झुकाया है माँ,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


जैसे औरो के संकट मिटाए है माँ,

आस मेरी भी पूरी कर दो ओ माँ,

तेरे भजनों को ‘मनीष’ ने गाया है माँ,

‘भावेश’ ने सजाया है माँ,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ,

तुमको बुलाया है माँ,

ये बता दो बता दो,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥

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श्री रुद्राष्टकम् मंत्र (Sri Rudrashtakam Mantra)

॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ ॥ Shrirudrashtakam ॥
namaamishmishan nirvanarupam
vibhum vyapakam bramvedasvarupam .
nijam nirgunam nirvikalpam niriham
chidakashamakashavasam bhaje̕ham . 1.

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