आजा भक्तो की सुनके पुकार, ओ मरघट वाले बाबा जी (Aaja Bhakto Ki Sun Ke Pukar O Marghat Wale Baba Ji)

आजा भक्तो की सुनके पुकार,

ओ मरघट वाले बाबा जी,

रोज करते है तेरा इंतजार,

ओ मरघट वाले बाबा जी,

आजा भक्तों की सुनके पुकार,

ओ मरघट वाले बाबा जी ॥


मिल जाए जो तेरा सहारा,

कट जाएगा कष्ट हमारा,

लिए बैठे है फूलों के हार,

लिए बैठे है फूलों के हार,

ओ मरघट वाले बाबा जी,

आजा भक्तों की सुनके पुकार,

ओ मरघट वाले बाबा जी ॥


रस्ते में तेरे नैन बिछाए,

बैठे है हम आस लगाए,

और आएँगे मंगल शनिवार,

और आएँगे मंगल शनिवार,

ओ मरघट वाले बाबा जी,

आजा भक्तों की सुनके पुकार,

ओ मरघट वाले बाबा जी ॥


महिमा तेरी सबसे निराली,

द्वार पे तेरे आके सवाली,

तेरी आरती उतारे बारम्बार,

तेरी आरती उतारे बारम्बार,

ओ मरघट वाले बाबा जी,

आजा भक्तों की सुनके पुकार,

ओ मरघट वाले बाबा जी ॥


आजा भक्तो की सुनके पुकार,

ओ मरघट वाले बाबा जी,

रोज करते है तेरा इंतजार,

ओ मरघट वाले बाबा जी,

आजा भक्तों की सुनके पुकार,

ओ मरघट वाले बाबा जी ॥



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ल्याया थारी चुनड़ी, करियो माँ स्वीकार(Lyaya Thari Chunri Karlyo Maa Swikar)

ल्याया थारी चुनड़ी,
करियो माँ स्वीकार,

मैया के पावन चरणों में (Maiya Ke Pawan Charno Mein)

मैया के पावन चरणों में,
तू सर झुका के देख ले,

षटतिला एकादशी व्रत कथा

सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। पंचांग के अनुसार, माघ महीने की एकादशी तिथि को ही षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के संग मां लक्ष्मी की पूजा-व्रत करने से का विधान है।

दर्शन कर लो रे भक्तो, मेहंदीपुर धाम का (Darshan Kar Lo Re Bhakto Mehandipur Dham Ka)

दर्शन कर लो रे भक्तो,
मेहंदीपुर धाम का,

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