बालाजीं मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजीं (Balaji Meri Bigdi Bana Do Mere Balaji)

बालाजी बालाजी,

मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजीं,

तेरे चरणों में आया दीवाना जी,

बालाजीं बालाजीं,

मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजी ॥


माता अंजनी के प्यारे दुलारे हो तुम,

भोले बाबा के रूद्र अवतारी हो तुम,

जग में बाजे तुम्हारा ही डंका जी,

बालाजीं बालाजीं,

मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजी ॥


राम संकट में तुम सहारा बने,

सीताराम जी का आँखों का तारा बने,

तुमसा कोई नहीं जग में दूजा जी,

बालाजीं बालाजीं,

मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजी ॥


दास ‘योगेंद्र’ दरबार आया प्रभु,

चरण ‘कमल’ भी अरदास लाया प्रभु,

पाएं जन्म जन्म वर चाहूँ जी,

बालाजीं बालाजीं,

मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजी ॥


बालाजीं बालाजीं,

मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजीं,

तेरे चरणों में आया दीवाना जी,

बालाजीं बालाजीं,

मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजी ॥

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रानी सती आज मेरे घर आई(Rani Sati Aaj Mere Ghar Aayi)

रानी सती आज मेरे घर आई,
घर आई माँ घर आई,

बसंत पंचमी पर पीले कपड़े क्यों पहनते हैं?

बसंत पंचमी सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार विद्या, कला और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित है और हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम (Bhar Pichkari Mari Hai Fag Machayo Shyam)

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम,
अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्या,

आजा भक्तो की सुनके पुकार, ओ मरघट वाले बाबा जी (Aaja Bhakto Ki Sun Ke Pukar O Marghat Wale Baba Ji)

आजा भक्तो की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,

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