दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से (Dinanath Meri Baat Chani Koni Tere Se)

दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से

दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


खाटू वाले श्याम तेरी शरण में आ गयो

श्याम प्रभु रूप तेरो नैणां में समां गयो

बिसरावे मत बाबा, हार मानी तेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


बालक हूँ मैं तेरो श्याम, मुझको निभायले

दुखड़े को मारयो मन, कालजे लगायले

पथ दिखलादे बाबा, काढ़ दे अँधेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


मुरली अधर पे, कदम तल झूमे हैं

भक्त खड़ा तेरे चरणां ने चूमे हैं

खाली हाथ बोल कया, जाऊ तेरे-नेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से

आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से


खाओ हो थे खीर चूरमो लीले ऊपर घूमो हो

सेवका न बाबा थे क़द्दे ही कोनी भूलो हो

टाबरियाँ की झोली भर भेजो थारे डेरे से

आँखडली चुरा के बाबा जासी कठे मेरे से


दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे से

आँखडली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे से

........................................................................................................
Aaj Mere Shyam Ki Shadi Hai (आज मेरे श्याम की शादी है)

आज मेरे श्याम की शादी है,
श्याम की शादी है,

माँ सरस्वती! मुझको नवल उत्थान दो (Mujhko Naval Utthan Do, Maa Saraswati Vardan Do)

मुझको नवल उत्थान दो ।
माँ सरस्वती! वरदान दो ॥

मां वेदों ने जो तेरी महिमा कही है (Maa Vedon Ne Jo Teri Mahima Kahi Hai)

माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,
माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,

आ लौट के आजा हनुमान (Bhajan: Aa Laut Ke Aaja Hanuman)

आ लौट के आजा हनुमान,
तुम्हे श्री राम बुलाते हैं ।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने