गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म (Guru Meri Puja Guru Mera Parbrahma)

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत


गुरु मेरा देव अलख अभेव

सरब पूज्य, चरण गुरु सेवू

॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥


गुरु बिन अवर नहीं मैं थाओ

अन दिन जपो, गुर गुर नाओ

॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥


गुरु मेरा ग्यान, गुरु रिदे धयान

गुरु गोपाल पुरख भगवान्

॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥


गुरु की सरन रहूँ कर जोर

गुरु बिना मैं नाही होर

॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥


गुरु बोहित तारे भव पार

गुरु सेवा ते यम छुटकार

॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥


अन्धकार में गुरु मन्त्र उजारा

गुरु कै संग सगल निस्तारा

॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥


गुरु पूरा पाईये वडभागी

गुरु की सेवा दुःख ना लागी

॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥


गुरु का सबद ना मेटे कोई

गुरु नानक नानक हर सोए


गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत

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प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी (Pyara Saja Hai Tera Dwar Bhawani)

दरबार तेरा दरबारों में इक खास एहमियत रखता है
उसको वैसा मिल जाता है जो जैसी नीयत रखता है

मोहे रंग दो अपने ही रंग में, मोहे ओ सांवरिया(Mohe Rang Do Apne Hi Rang Mein Mohe O Sawariya)

नैना लागे जब मोहन से,
नैना को कुछ रास ना आए,

भोले डमरू वाले तेरा, सच्चा दरबार है (Bhole Damru Wale Tera Saccha Darbar Hai)

भोले डमरू वाले तेरा,
सच्चा दरबार है,

साल 2025 का पहला विनायक चतुर्थी व्रत

सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है।

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