जय महाकाली शेरावाली, सारे जग की तू रखवाली (Jai Mahakali Sherawali Saare Jag Ki Tu Rakhwali)

जय महाकाली शेरावाली,

सारे जग की तू रखवाली,

तेरे दर पे आने का सजदा करूँ,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥


दूर दूर से सेवक तेरे,

दर पे तेरे आते है,

रोते रोते आते है और,

हँसते हँसते जाते है,

निशदिन नाम तेरा मैं भी जपूँ,

निशदिन नाम तेरा मैं भी जपूँ,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥


मैंने सुना माँ शेरावाली,

झोली सबकी भरती है,

अपने भक्तों की महाकाली,

आशा पूरी करती है,

अपने मन की बात मैं कहने चला,

अपने मन की बात मैं कहने चला,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥


तेरे पावन चरण छोड़ के,

और कहाँ मैं जाऊं माँ,

तेरी बाँहों में छुप जाऊं,

गोदी में सो जाऊं माँ,

तेरे मुखड़े को माँ तकता रहूं,

तेरे मुखड़े को माँ तकता रहूं,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥


जय महाकाली शेरावाली,

सारे जग की तू रखवाली,

तेरे दर पे आने का सजदा करूँ,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥

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हम राम जी के, राम जी हमारे हैं (Hum Ram Ji Ke Ram Ji Hamare Hain)

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं ।
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं ।

शरण हनुमत की जो आया (Sharan Hanumat Ki Jo Aaya)

शरण हनुमत की जो आया,
उसे पल में संभाला है,

क्यों मनाई जाती है गीता जयंती?

सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। मार्गशीर्ष माह में मोक्षदा एकादशी मनाई जाती है। इसी दिन गीता जयंती का पर्व भी मनाया जाता है।

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