काले काले बदरा, घिर घिर आ रहे है (Kaale Kaale Badra Ghir Ghir Aa Rahe Hai)

काले काले बदरा,

घिर घिर आ रहे है,

ऐ जी झूला डालो,

हम्बे झूला डालो,

कदम्ब की डाल,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है,

लम्बे लम्बे झोटा,

राधा रानी ले रही है,

ऐ जी कोई नन्ही नन्ही,

हम्बे कोई नन्ही नन्ही,

परत फुहार,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है ॥


झूला पे मोहन,

श्यामा संग झूलते जी,

ऐ जी गोपी गाती है,

हम्बे गोपी गाती है,

राग मल्हार,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है ॥


चंपा चमेली जूही,

मोगरा खिल रहे जी,

ऐ जी कोई शीतल,

ऐ जी कोई शीतल,

चलत बयार,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है ॥


कदम्ब की डाली काली,

कोयलिया गा रही जी,

ऐ जी दादुर पपिहन की,

ऐ जी दादुर पपिहन की,

सुरीली मस्त पुकार,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है ॥


राधा की पायल कान्हा की,

बंसी बज रही,

ऐ जी दास प्रेमी के,

ऐ जी दास प्रेमी के,

लड़ी है अखियाँ चार,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है ॥


काले काले बदरा,

घिर घिर आ रहे है,

ऐ जी झूला डालो,

हम्बे झूला डालो,

कदम्ब की डाल,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है,

लम्बे लम्बे झोटा,

राधा रानी ले रही है,

ऐ जी कोई नन्ही नन्ही,

हम्बे कोई नन्ही नन्ही,

परत फुहार,

कारे कारे बदरा,

घिर घिर आ रहे है ॥


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जया एकादशी पर क्या न खाएं?

जया एकादशी का उपवास हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि और मां लक्ष्मी की पूजा आराधना करने की मान्यता है।

बेटा बुलाए झट दौड़ी चली आए माँ (Beta Bulaye Jhat Daudi Chali Aaye Maa)

मैं नही जानू पूजा तेरी,
पर तू ना करना मैया देरी,

मेरी मां के बराबर कोई नहीं

ऊँचा है भवन, ऊँचा मंदिर
ऊँची है शान, मैया तेरी
चरणों में झुकें बादल भी तेरे
पर्वत पे लगे शैया तेरी

चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया (Chalo Salasar Bhakto Baba Ka Bulawa Aa Gaya)

बाबा का बुलावा आ गया,
चलो सालासर भक्तो,

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