माँ शारदे! हम तो हैं बालक तेरे(Maa Sharde Ham To Balak Hain Tere)

माँ शारदे, माँ शारदे,

माँ शारदे, माँ शारदे,

ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ,

॥माँ शारदे माँ शारदे...॥


तू है दयालु बड़ी,

माँ वीणा पाणी,

करती दया हो सब पे,

अम्बे भवानी,

हो मैया विद्या का आके,

हमको भी भण्डार दे,

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥


करदो हमारी आज,

माँ पूरी आशा,

कब से है ‘शर्मा’ तेरे,

दर्शन का प्यासा,

ओ मैया दर्शन हमे भी,

आ के माँ एक बार दे,

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥


मांगे न ‘लक्खा’ तुमसे,

दौलत खजाना,

सात स्वरों का मुझको,

अमृत पिलाना,

ओ मैया मेरी ही माता के जैसा,

बस प्यार दे,

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥


माँ शारदे माँ शारदे,

मा शारदे माँ शारदे,

ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ,

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥

........................................................................................................
प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम (Prem Mudit Mann Se Kaho, Ram Ram Ram)

प्रेम मुदित मन से कहो,
राम राम राम ।

गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला(Gajanan Ganesha Hai Gaura Ke Lala)

गजानन गणेशा है गौरा के लाला,
दयावन्त एकदन्त स्वामी कृपाला ॥

जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

कभी भूलू ना.. मेरे राधा रमण (Kabhi Bhoolun Na Radha Raman Mere)

कभी भूलू ना कभी भूलू ना
कभी भूलू ना याद तुम्हारी

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।