मैया ना भुलाना, हमको (Maiya Na Bhulana Humko )

मैया ना भुलाना,

हमको ना भुलाना,

मेरे घर में तुम सदा आती रहना,

तेरा है परिवार तू संग में रहना,

मईया ना भुलाना,

हमको ना भुलाना ॥


छोटा सा परिवार है मेरा,

छोटा सा संसार है,

मेरे सिर पे हाथ हो तेरा,

बस इतनी दरकार है,

इससे ज्यादा मैया,

तुमसे क्या कहना,

तेरा है परिवार,

तू संग में रहना,

मईया ना भुलाना,

हमको ना भुलाना ॥


किसको क्या बतलाऊ मैं,

किसके द्वारे जाऊ,

तुझको अपने दिल की सुना के,

चैन बड़ा मैं पाऊ,

जो कहना बस,

तेरे आगे ही कहना,

तेरा है परिवार,

तू संग में रहना,

मईया ना भुलाना,

हमको ना भुलाना ॥


कुछ भी अगर देना मुझको तो,

मैया इतना देना,

मेरे इस परिवार के सिर पे,

अपना हाथ रख देना,

कहे ‘पवन’ के बार बार,

ये ही कहना,

तेरा है परिवार,

तू संग में रहना,

मईया ना भुलाना,

हमको ना भुलाना ॥


मैया ना भुलाना,

हमको ना भुलाना,

मेरे घर में तुम सदा आती रहना,

तेरा है परिवार तू संग में रहना,

मईया ना भुलाना,

हमको ना भुलाना ॥

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राम जन्मभूमि पर जाकर, जीत के दीप जलाएंगे (Ram Janmabhoomi Par Jakar Jeet Ke Deep Jalayenge)

राम जन्मभूमि पर जाकर,
जीत के दीप जलाएंगे,

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि

सनातन धर्म में भाद्रपद माह को सभी माह में विशेष माना जाता है। इस माह को भगवान कृष्ण के जन्म से जोड़ा गया है। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

उत्पन्ना एकादशी का चालीसा

उत्पन्ना एकादशी सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। वैसे तो हर माह में दो एकादशी आती है, लेकिन उत्पन्ना एकादशी का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन मां एकादशी का जन्म हुआ था।

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