मंगल को जन्मे, मंगल ही करते(Mangal Ko Janme Mangal Hi Karte)

मंगल को जन्मे,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


मंगल को जन्में,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


कोई तुम्हारे अतुलित बल का,

कर ना सका अनुमान,

नहीं तुमसा कोई चतुर कपीश्वर,

नहीं तुमसा बलवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


मंगल को जन्में,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


लाल देह लाली लसे,

अरू धरि लाल लँगूर,

बज्र देह दानव दलन,

जय जय जय कपि सूर ॥


मस्तक मणि से दिनमणि लाजे,

अतिशय कुण्डल कानन राजे,

लाल लाल बाना तन साजे,

पूर्ण समर्पित रघुवर काजे,

संकट मोचन देव तुम्हारे,

राजीव लोचन प्राण,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


मंगल को जन्मे,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥

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हमने आँगन नहीं बुहारा (Hamne Aangan Nahi Buhara, Kaise Ayenge Bhagwan)

हमने आँगन नहीं बुहारा,
कैसे आयेंगे भगवान् ।

नरसिंह द्वादशी के उपाय

हिन्दू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन नरसिंह द्वादशी का पर्व मनाया जाता है जो कि इस साल 10 मार्च 2025, फाल्गुन, शुक्ल द्वादशी को पड़ रहा है।

प्रदोष व्रत क्यों रखा जाता है?

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। दरअसल, यह व्रत देवाधिदेव महादेव शिव को ही समर्पित है। प्रदोष व्रत हर माह में दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है।

भोलेनाथ मेरे मरने से पहले, ऐसी चिलम पिला देना (Bholenath Mere Marne Se Pahle Aisi Chilam Pila Dena)

भोलेनाथ मेरे मरने से पहले,
ऐसी चिलम पिला देना,

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