मंगल को जन्मे, मंगल ही करते(Mangal Ko Janme Mangal Hi Karte)

मंगल को जन्मे,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


मंगल को जन्में,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


कोई तुम्हारे अतुलित बल का,

कर ना सका अनुमान,

नहीं तुमसा कोई चतुर कपीश्वर,

नहीं तुमसा बलवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


मंगल को जन्में,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


लाल देह लाली लसे,

अरू धरि लाल लँगूर,

बज्र देह दानव दलन,

जय जय जय कपि सूर ॥


मस्तक मणि से दिनमणि लाजे,

अतिशय कुण्डल कानन राजे,

लाल लाल बाना तन साजे,

पूर्ण समर्पित रघुवर काजे,

संकट मोचन देव तुम्हारे,

राजीव लोचन प्राण,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥


मंगल को जन्मे,

मंगल ही करते,

मंगलमय भगवान,

जय हनुमान, जय हनुमान,

जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥

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मैया तुम्हारे चरणों में (Maiya Tumhare Charno Me)

मिलता है सच्चा सुख केवल,
मैया तुम्हारे चरणों में,

चैत्र मासिक शिवरात्रि कब है

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा को समर्पित है। इस दिन व्रत और पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।

नर्मदा नदी की कथा

नर्मदा नदी पहाड़, जंगल और कई प्राचीन तीर्थों से होकर गुजरती हैं। वेद, पुराण, महाभारत और रामायण सभी ग्रंथों में इसका जिक्र है। इसका एक नाम रेवा भी है। माघ माह में शुक्ल पक्ष सप्तमी को नर्मदा जयन्ती मनायी जाती है।

स्कंद षष्ठी व्रत कैसे करें

हर माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी व्रत किया जाता है। माघ माह की स्कंद षष्ठी 3 फरवरी 2025 को पड़ेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था।

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