हो लाल मेरी पत रखियो बला - दमादम मस्त कलन्दर (O Lal Meri Pat Rakhiyo Bala Duma Dum Mast Kalandar)

ओ हो, हो हो हो

हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा

सखी शाह बाज़ कलन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दम दम दे अन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दा पैला नम्बर

॥ हो लाल मेरी पत रखियो बला...॥


चार चराग़ तेरे बरण हमेशा॥ चार चराग़ तेरे...॥

पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण

हो पंजवा मैं

पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण


॥ सिंदड़ी दा सेवण दा...॥

॥ हो लाल मेरी पत रखियो बला...॥


हिंद सिंद पीरा तेरी नौबत बाजे॥ हिंद सिंद पीरा तेरी...॥

नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण

हो नाल बजे

नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण


॥ सिंदड़ी दा सेवण दा...॥

॥ हो लाल मेरी पत रखियो बला...॥


ओ हो

हर दम पीरा तेरी ख़ैर होवे॥ हर दम पीरा तेरी...॥

नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण

हो नाम-ए-अली

नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण


॥ सिंदड़ी दा सेवण दा...॥


हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा

सखी शाह बाज़ कलन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दम दम दे अन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दा पैला नम्बर

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तन रंगा मेरा मन रंगा (Tan Ranga Mera Mann Ranga)

तन रंगा मेरा मन रंगा,
इस रंग में अंग अंग रंगा,

विवाह पंचमी क्यों मनाई जाती है

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाया जाने वाला पवित्र पर्व है। सनातन धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है।

आमलकी एकादशी कब मनाई जाएगी

पंचांग के अनुसार, हर महीने में दो एकादशी पड़ती हैं और साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। इन सभी एकादशी तिथियों का विशेष महत्व होता है।

साथी हारे का तू, मुझको भी श्याम जीता दे(Sathi Hare Ka Tu Mujhko Bhi Shyam Jeeta De)

साथी हारे का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे,

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