शक्ति दे मां शक्ति दे मां (Shakti De Maa Shakti De Maa)

शक्ति दे मां शक्ति दे मां, शक्ति दे मां शक्ति दे मां।


पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


हाथ पकड़ ले हाथ बढ़ा दे, अपने मंदिर तक पहुंचा दे।

हाथ पकड़ ले हाथ बढ़ा दे, अपने मंदिर तक पहुंचा दे॥

सर पर दुःख की रैना, नाही चैना, प्यासे नैना दर्शन के।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


जग में जिसका नाम है जीवन, इक युग है संग्राम है जीवन।

जग में जिसका नाम है जीवन, इक युग है संग्राम है जीवन॥

तेरा नाम पुकारा, दुःख का मारा, हारा माँ इस जीवन से।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


तेरे द्वारे जो भी आया, उसने जो माँगा वो पाया।

तेरे द्वारे जो भी आया, उसने जो माँगा वो पाया॥

मैं भी तेरा सवाली, शक्तिशाली शेरों वाली माँ जगदम्बे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


........................................................................................................
उगादी त्योहार क्यों मनाया जाता है

उगादि दक्षिण भारत में एक महत्वपूर्ण नववर्ष उत्सव होता है। "उगादि" शब्द संस्कृत के "युग" अर्थात् "युग की शुरुआत" और "आदि" अर्थात् "आरंभ" से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है नए युग का आरंभ।

ओ शंकर भोले, जपती मैं तुमको हरदम (O Shankar Bhole Japti Main Tumko Hardam)

ओ शंकर भोले,
जपती मैं तुमको हरदम,

चैत्र माह की पौराणिक कथा

नवरात्रि का अर्थ नौ रातें होता है, जो हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार साल में दो बार मनाया जाता है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा आराधना की जाती है। उनके नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्र का खास महत्व है।

तू टेढ़ा तेरी टेढ़ी रे नजरिया - भजन (Tu Tedha Teri Tedhi Re Najariya)

तू टेढ़ा तेरी टेढ़ी रे नजरिया,
मै सीधी मेरी सीधी रे डगरिया,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने