शेरावाली माँ, आए तेरे नवराते (Sherawali Ma Aaye Tere Navraate)

शेरावाली माँ,

आए तेरे नवराते,

तेरा दरबार सजा के,

तुझको भक्त बुलाते,

शेरावाली मां,

आए तेरे नवराते ॥


अंगना में देखो मैया,

रंगोली सजाई,

लाल गुलाबो वाली,

लड़िया लगाई,

माँ तेरे सेवक सारे,

आये रंग उड़ाते,

शेरावाली मां,

आये तेरे नवराते ॥


पाँव की पायल तेरी,

छम छम बाजे,

झूम के बहना सारी,

तेरे संग नाचे,

ढोली ढोल बजावे,

तेरी महिमा गाते,

शेरावाली मां,

आये तेरे नवराते ॥


नवरातों की लागे,

रात सुहानी,

गरबा लेकर घूमे,

अम्बे भवानी,

तेरे हम दर्शन करके,

मन ही मन हर्षाते,

शेरावाली मां,

आये तेरे नवराते ॥


हम बालक है तू,

माता हमारी,

चरणों में तेरे मैया,

जाए वारि वारि,

तेरी राहो में हम तो,

दिल अपना बिछाते,

शेरावाली मां,

आये तेरे नवराते ॥


शेरावाली माँ,

आए तेरे नवराते,

तेरा दरबार सजा के,

तुझको भक्त बुलाते,

शेरावाली मां,

आए तेरे नवराते ॥

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रुक्मिणी अष्टमी पूजा विधि

सनातन धर्म के लोगों की भगवान कृष्ण से खास आस्था जुड़ी है। कृष्ण जी को भगवान विष्णु का ही एक अवतार माना जाता है, जो धैर्य, करुणा और प्रेम के प्रतीक हैं।

धनदालक्ष्मी स्तोत्रम्

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वृश्चिक संक्रांति का महत्व

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