आ जाओ सरकार, दिल ने पुकारा है (Aa Jao Sarkar Dil Ne Pukara Hai)

आ जाओ सरकार,

दिल ने पुकारा है,

हारे ये नैनो के तार,

ओझल नजारा है,

आ जाओं सरकार,

दिल ने पुकारा है ॥


फितरत ज़माने की,

बड़ी ही बेगैरत है,

कोई नही यार,

तू ही हमारा है,

आ जाओं सरकार,

दिल ने पुकारा है ॥


जाऊं किस डगर पे मुझको,

नसीहत तो दीजिए,

छाया है अंधकार,

करना उजारा है,

आ जाओं सरकार,

दिल ने पुकारा है ॥


रहमत की अपनी थोड़ी,

वसीयत तो कीजिये,

कहलाते दातार,

भरा भंडारा है,

आ जाओं सरकार,

दिल ने पुकारा है ॥


‘निर्मल’ की रूह से तो,

पूछ करके देखिए,

दूजा मिले ना सार,

श्याम ही गवारा है,

आ जाओं सरकार,

दिल ने पुकारा है ॥


आ जाओ सरकार,

दिल ने पुकारा है,

हारे ये नैनो के तार,

ओझल नजारा है,

आ जाओं सरकार,

दिल ने पुकारा है ॥


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ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं (Na Jane Kaun Se Gun Par Dayanidhi Reejh Jate Hain)

ना जाने कौन से गुण पर,
दयानिधि रीझ जाते हैं ।

Shri Saraswati Chalisa (श्री सरस्वती चालीसा)

जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि।
बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥

Heri Sakhi Mangal Gavo Ri..(हेरी सखी मंगल गावो री..)

चोख पुरावो, माटी रंगावो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो(Mere Raghav Ji Utrenge Paar, Ganga Maiya Dheere Baho)

मेरे राघव जी उतरेंगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो,

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