आओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो (Aao Meri Sakhiyo Mujhe Mehandi Laga Do)

ऐसे वर को क्या वरु,

जो जनमे और मर जाये,

वरीये गिरिधर लाल को,

चुड़लो अमर हो जाये ॥


आओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो,

मेहँदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो,

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ॥


सतसंग मे मेरी बात चलायी,

सतगुरु ने मेरी किनी सगाई,

उनको बोला के हथलेवा तो करा दो,

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ॥


ऐसी पहनी चूड़ी जो कबहू ना टूटे,

ऐसा वरु दूल्हा जो कबहू ना छूटे,

अटल सुहाग की बिंदिया लगा दो,

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ॥


भक्ति का सुरमा मैं आख मे लगाउंगी,

दुनिया से नाता तोड़ मैं उनकी हो जाउंगी,

सतगुरु को बुला के फेरे तो पडवा दो,

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ॥


बाँध के घुंघरू मै उनको रीझाऊंगी,

ले के इकतारा मै श्याम-श्याम गाऊँगी,

सतगुरु को बुला के बिदा तो करा दो,

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ॥


आओ मेरी सखियों मुझे मेहँदी लगा दो,

मेहँदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो,

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ॥


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भानु सप्तमी पर सूर्यदेव को क्या चढ़ाएं

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का व्रत विशेष रूप से सूर्यदेव को समर्पित है। यह दिन सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने के लिए विशेष माना जाता है।

तेरी जय हो गणेश(Teri Jai Ho Ganesh)

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जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

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