अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता (Agar Shyam Sundar Ka Sahara Na Hota)

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता,

तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ।


जबसे मिली है दया हमको इनकी,

तो राहें बदल दी मेरी जिन्दगी की ।

नजारे करम का इशारा ना होता,

तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥

॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥


इन्ही के सहारे जीए जा रहे है,

नाम का अमृत पीए जा रहे हैं ।

मेरा बिगड़ा जीवन संवारा ना होता,

तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥

॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥


मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम,

मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम ।


कोई नहीं था दुनियाँ में अपना,

कन्हिया से मिलना लगता है सपना ।

कन्हिया ने हमको जो पुकारा ना होता,

तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥

॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥


भँवर में थी नैया, दिया है किनारा,

इन्ही की कृपा से चले है गुजारा ।

कृपा भरी दृष्टि से निहारा ना होता,

तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥

॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥


अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता,

तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ।

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बाँके बिहारी की बाँसुरी बाँकी (Banke Bihari Ki Bansuri Banki)

बाँके बिहारी की बाँसुरी बाँकी,
पे सुदो करेजा में घाव करे री,

महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया (Mahakal Teri Bhakti Ne Bawal Kar Diya)

तेरे कलयुग में भी भक्तो ने कमाल कर दिया,
हो जय श्री महाकाल के नारे ने धमाल कर दिया,

बसंत पंचमी पर पीले कपड़े क्यों पहनते हैं?

बसंत पंचमी सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार विद्या, कला और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित है और हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

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