ऐसो चटक मटक सो ठाकुर (Aiso Chatak Matak So Thakur)

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


तीनों लोकन हूँ में नाय

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


तीन ठौर ते टेढ़ो दिखे

नट किसी चलगत यह सीखे

टेड़े नैन चलावे तीखे

सब देवन को देव, सब देवन को देव

ताऊ ये ब्रज में घेरे गाय


ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


ब्रह्मा मोह कियो पछतायो

दर्शन को शिव ब्रज में आयो

मान इंद्र को दूर भगायो

ऐसो वैभव वारो, ऐसो वैभव वारो

ताऊ ये ब्रज में गारी खाए


ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


बड़े बड़े असूरन को मारयो

नाग कालिया पकड़ पछाड़ो

सात दिना तक गिरिवर धारयो

ऐसो बलि ताऊ, ऐसो बलि ताऊ

खेलत में ग्वालन पे पीट जाय


ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


रूप छबीलो है ब्रज सुंदर

बिना बुलाए डोले घर घर

प्रेमी ब्रज गोपीन को चाकर

ऐसो प्रेम बढ्यो, ऐसो प्रेम बढ्यो

माखन की चोरी करवे जाए


ऐसो ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


ऐसो ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


तीनों लोकन हूँ में नाय

तीनों लोकन हूँ में नाय


हो सखी, ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय


ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

........................................................................................................
गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना (Gauri Ke Lala Ho Mere Ghar Aa Jana)

गौरी के लाला हो,
मेरे घर आ जाना,

अन्वधान और इष्टी क्या है

भारत के त्योहार और अनुष्ठान वैदिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं। इसमें से अन्वधान और इष्टि का विशेष महत्व है। ये अनुष्ठान कृषि चक्रों और आध्यात्मिक कायाकल्प के साथ जुड़े होते हैं।

कन्हैया ने जब पहली बार बजाई मुरली, सारी सृष्टि में आनंद की लहर दौड़ी

मुरलीधर, मुरली बजैया, बंसीधर, बंसी बजैया, बंसीवाला भगवान श्रीकृष्ण को इन नामों से भी जाना जाता है। इन नामों के होने की वजह है कि भगवान को बंसी यानी मुरली बहुत प्रिय है। श्रीकृष्ण मुरली बजाते भी उतना ही शानदार हैं।

मैं हार गया जग से, अब तुमको पुकारा है (Main Haar Gaya Jag Se Ab Tumko Pukara Hai)

मैं हार गया जग से,
अब तुमको पुकारा है,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने