बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा (Bansi Wale Ke Charno Me, Sar Ho Mera)

बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥


यह ना चाहूँ की, मुझ को खुदाई मिले,

यह ना चाहु, मुझे बादशाही मिले ।

ख़ाक दर की मिले ये मुकद्दर मेरा,

इससे बढ़कर बताओ क्या सौगात है ॥


बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥


हो गुलामी अगर आले दरबार की,

ये खुदाई भी है बादशाही भी है ।

दासी दर की भिखारिन बने जिस वक्त,

इससे बढकर बताओ की क्या बात है ॥


बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥


गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है ।

श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है ॥


बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥

........................................................................................................
जगदम्बे भवानी माँ, तुम कुलदेवी मेरी(Jagdambe Bhawani Maa Tum Kuldevi Meri)

जगदम्बे भवानी माँ,
तुम कुलदेवी मेरी,

जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

हे महाबली हनुमान, प्रभु तेरी महिमा निराली है (Hey Mahabali Hanuman Prabhu Teri Mahima Nirali Hai)

हे महाबली हनुमान,
प्रभु तेरी महिमा निराली है,

मै तो लाई हूँ दाने अनार के (Main To Layi Hu Daane Anaar Ke)

मैं तो लाई हूँ दाने अनार के,
मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने