बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा (Bansi Wale Ke Charno Me, Sar Ho Mera)

बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥


यह ना चाहूँ की, मुझ को खुदाई मिले,

यह ना चाहु, मुझे बादशाही मिले ।

ख़ाक दर की मिले ये मुकद्दर मेरा,

इससे बढ़कर बताओ क्या सौगात है ॥


बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥


हो गुलामी अगर आले दरबार की,

ये खुदाई भी है बादशाही भी है ।

दासी दर की भिखारिन बने जिस वक्त,

इससे बढकर बताओ की क्या बात है ॥


बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥


गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है ।

श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है ॥


बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा,

फिर ना पूछो, कि उस वक्त क्या बात है ।

उनके द्वारे पे डाला है जब से डेरा,

फिर ना पूछो कि कैसी मुलाकात है ॥

........................................................................................................
भगवत गीता चालीसा ( Bhagwat Geeta Chalisa )

प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ | हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ ||१||

स्कंद षष्ठी पर क्या भोग लगाएं

स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान शिव के बड़े पुत्र, भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधिवत पूजा करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है।

शेरोवाली के दरबार में रंग बरसे (Sherawali Ke Darbar Mein Rang Barse)

रंग बरसे देखो रंग बरसे,
रंग बरसे देखो रंग बरसे,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने