चन्दन चौक पुरावा मंगल कलश सजावा (Chandan Chowk Purawa Mangal Kalash Sajawa)

चन्दन चौक पुरावा,

मंगल कलश सजावा,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

चंदन चौक पुरावा ॥


थारे मंदरिये में नित आवा,

आकर थारी म्हे ज्योत जगावा,

कंचन थाल सजावा,

चूरमो भोग लगावा,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

चंदन चौक पुरावा ॥


बाबा थारे तो दरश म्हे प्यासा,

पूरी कर द्यो ना थे मन री आशा,

आज थाने रिझावा,

थाने भजन सुनावा,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

चंदन चौक पुरावा ॥


बाबा लिले पे चढ़ के थे आओ,

म्हारे मनडे में भक्ति जगाओ,

थारे चरणा में आवा,

आके धोक लगावा,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

चंदन चौक पुरावा ॥


बाबा मैं भी तो टाबर हूँ थारो,

म्हारा अटक्योड़ा कारज सारो,

ग्यारस रात जगावा,

हिल मिल थाने ही ध्यावा,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

चंदन चौक पुरावा ॥


चन्दन चौक पुरावा,

मंगल कलश सजावा,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

आओ आओ ना बाबा जी,

म्हारे आंगणे,

चंदन चौक पुरावा ॥


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चैत्र महीना भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे चैत्र माह में मनाया जाता है। इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से भक्तों को सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस वर्ष भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 17 मार्च 2025, सोमवार को मनाई जाएगी।

त्रिपुर भैरवी जयंती पर कौन सा पाठ करें?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल त्रिपुर भैरवी जयंती 15 दिसंबर को मनाई जाएगी। यह दिन मां काली को समर्पित है, जो शक्ति और सामर्थ्य की प्रतीक हैं। मां काली की पूजा शास्त्रों में बहुत ही फलदायी मानी गई है।

भारत में होली के अलग-अलग रंग

बरसाना और नंदगांव की होली विश्व प्रसिद्ध है और इसे देखने के लिए हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं। यह होली श्रीकृष्ण और राधा की प्रेम कथा से जुड़ी हुई है। बरसाना में महिलाएं पुरुषों पर प्रेमपूर्वक लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल लेकर खुद को बचाने का प्रयास करते हैं।

प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम (Prem Mudit Mann Se Kaho, Ram Ram Ram)

प्रेम मुदित मन से कहो,
राम राम राम ।

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