ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी (Dhank Lai Yashoda Najar Lag Jayegi)

ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी

कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी ।


तेरे लला के घूँघर वाले बाल हैं,

मोर मुकुट को नजर लग जाएगी ।


ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी

कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी ।


तेरे लला के बड़े बड़े नैन हैं,

काजर की रेख, नजर लग जाएगी ।


ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी

कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी ।


तेरे लला के छोटे छोटे हाथ हैं,

बाँस की बन्सी, नजर लग जाएगी ।


ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी

कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी ।


तेरे लला के छोटे छोटे पाँव हैं,

रुनझुन पैंजनिया, नजर लग जाएगी ।


ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी

कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी ।


ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी

कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी ।

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भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार

माघ मास में शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी कहते हैं। इसे तिल द्वादशी भी कहते हैं। भीष्म द्वादशी को माघ शुक्ल द्वादशी नाम से भी जाना जाता है।

हे गणनायक जय सुखदायक (Hey Gananayak Jai Sukhdayak)

हे गणनायक जय सुखदायक,
जय गणपति गणराज रे,

श्री गंगा चालीसा (Shri Ganga Chalisa)

जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग ।
जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग ॥

क्या सूर्यग्रहण का भारत में दिखेगा असर

साल 2025 में चंद्र ग्रहण के बाद अब लोगों की निगाहें सूर्यग्रहण पर टिक गई हैं। यह साल का पहला सूर्यग्रहण होगा। इसे लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए।

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