है सुखी मेरा परिवार, माँ तेरे कारण (Hai Sukhi Mera Parivaar Maa Tere Karan)

है सुखी मेरा परिवार,

माँ तेरे कारण,

तेरे कारण तेरे कारण,

मैया बस तेरे कारण,

मेरे घर में मौज बहार,

माँ तेरे कारण,

हैं सुखी मेरा परिवार,

माँ तेरे कारण ॥


मैया मेरी ये फुलवारी,

तुम ही इसकी पालनहारी,

मेरा सुखमय है संसार,

माँ तेरे कारण,

हैं सुखी मेरा परिवार,

माँ तेरे कारण ॥


फूल खिले मेरे आँगन में,

पले बड़े तेरे आँचल में,

मेरा भरा हुआ भंडार,

माँ तेरे कारण,

हैं सुखी मेरा परिवार,

माँ तेरे कारण ॥


सौंप दिया माँ तेरे हवाले,

‘उर्मिल’ को माँ तू ही संभाले,

मुझे मिला तेरा दरबार,

माँ तेरे कारण,

हैं सुखी मेरा परिवार,

माँ तेरे कारण ॥


है सुखी मेरा परिवार,

माँ तेरे कारण,

तेरे कारण तेरे कारण,

मैया बस तेरे कारण,

मेरे घर में मौज बहार,

माँ तेरे कारण,

हैं सुखी मेरा परिवार,

माँ तेरे कारण ॥

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उत्पन्ना एकादशी का चालीसा

उत्पन्ना एकादशी सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। वैसे तो हर माह में दो एकादशी आती है, लेकिन उत्पन्ना एकादशी का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन मां एकादशी का जन्म हुआ था।

श्री राम आएंगे (Shri Ram Aayenge)

श्री राम आएंगे श्री राम आएंगे
पलकें बिछाएंगे,

देव है ये भोले भक्तो का, खुद भी भोला भाला (Dev Hai Ye Bhole Bhakto Ka Khud Bhi Bhola Bhala)

देव है ये भोले भक्तो का,
खुद भी भोला भाला,

गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ (Govind Chale Aao, Gopal Chale Aao)

गोविंद चले आओ,
गोपाल चले आओ,

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