हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति दो(Hey Ram Bhakt Hanuman Ji Mujhe Aisi Bhakti Do)

हे राम भक्त हनुमान जी,

मुझे ऐसी भक्ति दो,

चरणों की सेवा कर सकूँ,

प्रभु ऐसी शक्ति दो,

हे राम भक्त हनुमान जी


कारज सवारन राम के,

अवतार तुम लहे,

अवतार तुम लहे,

हे शंकर सुवन अंजनीसुत,

मुझको भी मुक्ति दो,

चरणों की सेवा कर सकूँ,

प्रभु ऐसी शक्ति दो,

हे राम भक्त हनुमान जी ॥


माना की मैं श्री राम सम,

पावन नहीं प्रभु,

पावन नहीं प्रभु,

सेवा से पावन हो सकूँ,

मुझे ऐसी युक्ति दो,

चरणों की सेवा कर सकूँ,

प्रभु ऐसी शक्ति दो,

हे राम भक्त हनुमान जी ॥


जन्मों जन्मों के योग से,

सेवा का पथ मिलें,

सेवा का पथ मिलें,

इस पावन पथ पे चल सकूँ,

अब ना विरक्ति हो,

चरणों की सेवा कर सकूँ,

प्रभु ऐसी शक्ति दो,

हे राम भक्त हनुमान जी ॥


हे बलशाली हनुमत तेरी,

महिमा अनंत है,

महिमा अनंत है,

सेवक और सेवाधर्म की,

अब ना समाप्ति हो,

चरणों की सेवा कर सकूँ,

प्रभु ऐसी शक्ति दो,

हे राम भक्त हनुमान जी ॥


हे राम भक्त हनुमान जी,

मुझे ऐसी भक्ति दो,

चरणों की सेवा कर सकूँ,

प्रभु ऐसी शक्ति दो,

हे राम भक्त हनुमान जी ॥

........................................................................................................
मार्गशीर्ष कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि और भोग

वैदिक पंचाग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह में कृष्ण जन्माष्टमी आज यानी 22 नवंबर 2024 को मनाई जा रही है। मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने और जीवन के दुखों को दूर करने का श्रेष्ठ अवसर है।

करवा चौथ की पूजा विधि

करवा चौथ का व्रत उत्तर भारत की महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन मनाया जाता है।

तोरा मन दर्पण कहलाए - भजन (Tora Man Darpan Kahlaye)

तोरा मन दर्पण कहलाए,
भले, बुरे, सारे कर्मों को,

श्री सरस्वती स्तोत्रम् (Shri Saraswati Stotram)

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने