हरी हरी भांग का मजा लीजिये(Hari Hari Bhang Ka Maja Lijiye)

हरी हरी भांग का मजा लीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये ॥


इसकी हर पत्ती में अज़ब खुमार है,

इसीलिए भंग भोले पीते बार बार है,

भंग पिके प्रेम शिव से बढ़ा लीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये ॥


सावन महीना तो बस एक बहाना है,

भंग बूटी पीने का तो चलन पुराना है,

भंग की तरंग से ना डरा कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये ॥


करामात भंग में भारी दुरी सब मिटाये रे,

भंग के दीवानो को बस नजर शिव ही आये रे,

लेके शिव का नाम घुट भरा कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये ॥


एक सौ आठ लोटा भंग पिके ‘राजू’ गाये रे,

भंग ही ‘पवन’ भक्तो को शिव से मिलाये रे,

यूँ ना अपने आपको सजा दीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये ॥


हरी हरी भांग का मजा लीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये,

सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये ॥

........................................................................................................
Radhe Radhe Japo Chale Aayenge Bihari (राधे जपो चले आएँगे बिहारी)

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,

जय हो शिव भोला भंडारी (Jai Ho Shiv Bhola Bhandari Lela Aprampar Tumhari Bhajan)

जय हो शिव भोला भंडारी,
लीला अपरंपार तुम्हारी,

मेरी अंखियों के सामने ही रहना ओ शेरोंवाली जगदम्बे

मेरी अखियों के सामने ही रहना, ओ, शेरों वाली जगदम्बे
(मेरी अखियों के सामने ही रहना, ओ, शेरों वाली जगदम्बे)

करनल करुणा-सिंधु कहावै (Karnal Karuna Sindhu Kahavai)

देवी मढ़ देसाण री,
मेह दुलारी माय ।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने