जिसने मरना सीखा लिया है (Jisane Marana Seekh Liya Hai)

जिसने मरना सीखा लिया है,

जीने का अधिकार उसी को ।

जो काँटों के पथ पर आया,

फूलों का उपहार उसी को ॥


जिसने गीत सजाये अपने

तलवारों के झन-झन स्वर पर

जिसने विप्लव राग अलापे

रिमझिम गोली के वर्षण पर

जो बलिदानों का प्रेमी है,

जगती का प्यार उसी को ॥


हँस-हँस कर इक मस्ती लेकर

जिसने सीखा है बलि होना

अपनी पीड़ा पर मुस्काना

औरों के कष्टों पर रोना

जिसने सहना सीख लिया है,

संकट है त्यौहार उसी को ॥


दुर्गमता लख बीहड़ पथ की

जो न कभी भी रुका कहीं पर

अनगिनती आघात सहे पर

जो न कभी भी झुका कहीं पर

झुका रहा है मस्तक अपना यह,

सारा संसार उसी को ॥

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मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊँ (Main To Shiv Hi Shiv Ko Dhyau)

मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊँ,
जल से स्नान कराऊँ,

मेरी ज़िन्दगी सवर जाए (Meri Zindagi Sanwar Jaye)

मेरी ज़िन्दगी सवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ,

हाय नजर ना लग जाये(Najar Naa Lag Jaye)

ओ मोटे मोटे नैनन के तू ,
ओ मीठे मीठे बैनन के तू

लाल लाल चुनरी सितारो वाली (Laal Laal Chunari Sitaron Wali)

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,

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